9 महीने का तनिष्क दुर्लभ बीमारी से ग्रसित, इलाज के लिए चाहिए 16 करोड़


Jaipur : देश में छोटे बच्चों में दुर्लभ बीमारी तेजी से बढ़ रही है. ये आंकड़ा अपने आप में बेहद बड़ा है और इसका ईलाज काफी महंगा. राजधानी जयपुर में बच्चों के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जेके लोन में संचालित रेयर डिजीज सेंटर ऐसे बच्चों के लिए एक मात्र उम्मीद है. राजस्थान  के नागौर जिले के परबतसर जैसे छोटे कस्बे में रहने वाले एक परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. 9 महीने का तनिष्क सिंह जिनेटिक ( Spinal Muscular Atrophy Type-1) स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी टाइप-1 (SMA) जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है. तनिष्क को इलाज के लिए एक इंजेक्शन की जरूरत है जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है.

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तनिष्क, 9 महीने का है, लेकिन अभी तक वह सहारा देने के बाद भी अपने पैरों पर खड़ा नहीं रहा. अपने बल से बैठ नहीं सकता. यहां तक कि उसकी छाती की मांसपेशियों में इतनी ताकत भी नहीं बची है कि वह अच्छे से पूरी सांस ले सके. ईश्वर ने उसे मस्तिष्क दिया है, आवाज भी दी है, लेकिन एक जीन दिया ही नहीं. यह जीन शरीर में खास तरह का प्रोटीन बनाता है, जिससे शरीर की सारी मांसपेशियां चलती हैं. इस जीन के बिना तनिष्क का जीवन अधूरा है. केवल एक इंजेक्शन, इस बच्चें की सारी समस्या का समाधान है, लेकिन इस एक इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपये है, जो तनिष्क के माता-पिता के लिए जुटा पाना आसान नहीं है.

राजस्थान के नागौर जिले में छोटें से गांव नड़वा के रहने वाले दीपिका कंवर और शैतान सिंह की इकलौती संतान तनिष्क ( Spinal Muscular Atrophy Type-1) स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी टाइप-1 नामक दुर्लभ बीमारी से ग्रहसित हैं. परबतसर जैसे छोटे से कस्बें में वकील के तौर पर काम करने वाले शैतान सिंह ने बताया कि जब वह चार-पांच महीने का था, तभी से उसकी परेशानी शुरू हो गई थी. शुरू में बीमारी पकड़ में नहीं आई, लेकिन बाद में जे.के. लोन हॉस्पिटल जयपुर में स्थित रेयर डिजीज सेंटर में बच्चे को दिखाया तो बताया गया कि तनिष्क सिंह एसएमए की बीमारी से पीड़ित है.

शैतान सिंह ने कहा कि अभी तक तनिष्क को फिजियोथेरेपी और व्यायाम के सहारे से हम नियंत्रण करके रखे हुए हैं, ताकि उसके शरीर की सभी मांसपेशियां सक्रिय रहें. इसके लिए हर 2 दिन में फीजियोथेरपिस्ट को लाना पड़ता है. बाकी पूरे दिन में तीन से चार घंटे फेमिली वाले बारी-बारी से उसके शरीर की मांसपेशियों की एक्सरसाइज कराते हैं. तनिष्क का इलाज दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन जोल्गेन्स्मा (Zolegensma) है. मुंबई में एक बच्ची इस बीमारी से पीड़ित है, उसके लिए क्राउड फंडिंग से पैसा जुटाया गया था और मोदी सरकार ने दवा पर लगने वाला टैक्स माफ कर दिया था. तनिष्क के पिता का कहना है कि मुझे उम्मीद है कि सभी लोग मेरे बेटे की जान बचाने के लिए जरूर मदद करेंगे.

तनिष्क के परिवार वालों ने क्राउड फंडिंग के लिए एक लिंक भी तैयार किया है, जिसमें बीमारी से जुड़ी जानकारियां हैं. अगर कोई मदद करना चाहे तो इस लिंक पर जाकर मदद भी कर सकता है.

तनिष्क के पिता के मोबाइल नंबर –
9667694745, 9799358193
ये लिंक जिस पर मदद की जा सकती है तनिष्क की
https://www.impactguru.com/fundraiser/help-tanishk-singh

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