Myanmar में China के खिलाफ बढ़ते गुस्से से Taiwan चिंतित, अपनी कंपनियों के लिए जारी किए दिशा-निर्देश


ताइपे: म्यांमार (Myanmar) में चीनी उद्योगपतियों की फैक्ट्रियों (Chinese Factories) को निशाना बनाए जाने के बाद ताइवान (Taiwan) ने अपनी कंपनियों को सलाह दी है. ताइवान ने म्यांमार स्थित अपनी कंपनियों से कहा है कि वह खुद को चीन (China) से अलग दिखाने का प्रयास करें. इसके लिए देश का झंडा लगाएं या ऐसे बोर्ड टांगें जिस पर साफ तौर पर लिखा हो कि उनका चीन से कोई संबंध नहीं है. दरअसल, रविवार को म्यांमार में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने यंगून के हलैनगठाया जिले (Hlaingthaya District) में स्थित चीनी फैक्ट्रियों पर हमला बोला था. प्रदर्शनकारियों को लगता है कि चीन के इशारे पर ही सेना ने तख्तापलट को अंजाम दिया है. 

Taiwan की एक कंपनी बनी निशाना

हमारी सहयोगी वेबसाइट WION में छपी खबर के मुताबिक, ताइवान के विदेश मंत्रालय (Taiwan’s Foreign Ministry) के मुताबिक, म्यांमार में रविवार को हुई हिंसा में ताइवान की केवल एक कंपनी को निशाना बनाया गया. हिंसा में 10 नागरिक भी फंस गए थे, लेकिन अब सभी सुरक्षित हैं.  मंत्रालय ने कहा कि ताइवान दूतावास कंपनियों के लगातार संपर्क में है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. मंत्रालय ने बताया कि म्यांमार में रहने वाले सभी देशवासियों और कंपनियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं.

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Embassy ने दी ये सलाह

म्यांमार स्थित ताइवान के दूतावास ने कंपनियों को सलाह देते हुए कहा है कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर स्थानीय भाषा में लिखा बोर्ड लगाया जाए. जिस पर यह स्पष्ट किया गया हो कि उनका चीन से कोई संबंध नहीं है. इसके अलावा, ताइवान का राष्ट्रीय ध्वज भी इस्तेमाल किया जा सकता है. साथ ही कंपनियों से कहा गया गया है कि स्थानीय मजदूरों और पड़ोसियों को भी समझाया जाए कि ये कारखाने ताइवान के हैं, चीन का इसने कोई लेनादेना नहीं है. 

Taiwan की सबसे बड़ी परेशानी 

दक्षिण पूर्व एशिया में ताइवानी फर्मों को चीनी कंपनियों के तौर पर देखा जाता है. 2014 में जब वियतनाम में प्रदर्शनकारियों ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोला था, तो ताइवान की एक कंपनी को चीनी कंपनी समझकर आग के हवाले कर दिया गया था. दरअसल, चीन ताइवान को अपना बताता आया है और कई देश उसके इस दावे का समर्थन भी करते हैं. म्यांमार भी उनमें से एक है, यही वजह है कि ताइवान के म्यांमार के साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं हैं. इस वजह से अक्सर ताइवान के लोगों को चीन समझ लिया जाता है. इसी भ्रम को दूर करने के लिए ताइवान ने अपनी कंपनियों को सलाह दी है.

 



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