Rajasthan में 58 वर्ग KM वनावरण में बढ़ोत्तरी, 13 जिलों में वन क्षेत्र में हुई कमी


Jaipur: प्रदेश के वनावरण में 58 वर्ग किमीमीटर की वृद्धि हुई है. प्रदेश के 16 जिले ऐसे हैं, जिनमें वनावरण बढ़ा है, लेकिन 13 जिले ऐसे भी हैं, जिनमें वन क्षेत्र में कमी आई है, जो चिंताजनक है. राजस्‍थान राज्‍य वन नीति 2010 (Rajasthan State Forest Policy 2010) की बात की जाए तो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 20 प्रतिशत भू-भाग का वनाच्‍छादित किया जाना है.

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भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग देहरादून (Forest Survey of India Dehradun) की ओर से जारी 2017 और 2019 के आंकड़ों के आधार पर वन मंत्री सुखराम विश्नोई (Sukhram Vishnoi) ने बताया कि वन क्षेत्रों में कमी के मुख्‍य कारण जैविक दबाव, वन भूमि को गैर वानिकी उपयोग हेतु प्रत्‍यावर्तन, राज्‍य की बंजरभूमि का कृषि क्षेत्र में रूपान्‍तरण आदि होना प्रतीत होता है.

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भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2019 के अनुसार
3,42,239 वर्ग किमी कुल भौगोलिक क्षेत्रफल
32,737 वर्ग किमी अभिलिखित वन क्षेत्र
12,475 वर्ग किमी आरक्षित वन
18,217 वर्ग किमी संरक्षित वन
2,045 वर्ग किमी अवर्गीकृत वन

कुल वनावरण- 16630 वर्ग किमी
अत्यंत सघन वन- 78 वर्ग किमी
सामान्य सघन वन- 4342 वर्ग किमी
खुले वन- 12210 वर्ग किमी

16 जिलों में बढ़ा वन क्षेत्र (आंकड़े वर्ग किमी में)
बाड़मेर में सबसे ज्यादा और टोंक में सबसे कम बढ़ा वन क्षेत्र
– अजमेर- 6.11
– बांसवड़ा- 7.42
– बाड़मेर- 16.79
– भरतपुर- 1.27
– भीलवाड़ा- 3.19
– बीकानेर- 8.61
– डूंगरपुर- 11.30
– जयपुर- 0.76
– जैसलमेर- 12.77
– झुंझुनूं- 4.77
– जोधपुर- 2.78
– नागौर- 4.04
– पाली- 0.85
– राजसमंद- 10.79
– सीकर- 1.06
– टोंक- 0.06

13 जिलों में कम हुआ वन क्षेत्र (आंकड़े वर्ग किमी में)
जालौर में सबसे ज्यादा घटा वन क्षेत्र

– अलवर- 0.34
– बारां- 2.01
– बूंदी- 0.82
– चित्तौड़गढ़- 0.20
– गंगानगर- 0.08
– हनुमानगढ़- 0.04
– जालौर- 6.93
– झालावाड़- 3.42
– कोटा- 3.27
– प्रतापगढ़- 6.39
– सवाईमाधोपुर- 3.31
– सिरोही- 2.09
– उदयपुर- 6.46

वन मंत्री सुखराम विश्नोई ने बताया कि वन आच्‍छादित क्षेत्र बढाने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं चलाई जाती है और पौधारोपण किया जाता है, जिसमें कैम्‍पा, पर्यावरण वानिकी, परभाषित वनों का पुनरारोपण, जलवायु परिवर्तन एवं मरू प्रसार रोक, भाखडा एवं गंग नहर वृक्षारोपण, विदोहन एवं पुन वृक्षारोपण योजनाएं शामिल हैं.



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