Exclusive: पहले रिश्तेदारी… अब जेट की डील में गुप्ता ब्रदर्स और जालान की साझेदारी? खुलासा पार्ट-4


इससे पहले हम आपको बता चुके हैं कि किस तरह गुपचुप तरीके से साउथ अफ्रीका के चर्चित गुप्ता ब्रदर्स मुरारी लाल जालान के साथ मिलकर भारत की जेट एयरवेज को खरीदने की तैयारी में हैं. यहां क्लिक कर पढ़ें खुलासा पार्ट-1

खुलासा पार्ट-2 में हमने आपको बताया कि गुप्ता ब्रदर्स और मुरारी लाल जालान के बीच कैसे पारिवारिक और व्यवसायिक संबंध हैं. ये वही गुप्ता ब्रदर्स हैं जिनके खिलाफ साउथ अफ्रीका में भ्रष्टाचार, घूसखोरी के कई मामले चल रहे हैं और अमेरिका में उनके साथ किसी तरह की बिजनेस डील पर पाबंदी है. यहां क्लिक कर पढ़ें खुलासा पार्ट-2

आखिर वो क्या वजह थी कि अमेरिका में गुप्ता ब्रदर्स से किसी तरह की बिजनेस डील या एग्रीमेंट करने पर वहां की सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है. यहां क्लिक कर पढ़ें खुलासा पार्ट-3

(अमित प्रकाश/ब्रजेश कुमार)
नई दिल्ली/मुंबई: जेट एयरवेज को खरीदने की कोशिश करने वाले मुरारी लाल जालान के पीछे साउथ अफ्रीका के वो गुप्ता ब्रदर्स (अजय, अतुल, राजेश गुप्ता) हैं जिनपर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप हैं और जिस कारण उन्हें साउथ अफ्रीका छोड़कर भागना पड़ा है. मुराली लाल जालान परिवार और गुप्ता ब्रदर्स के बीच सीधा कनेक्शन है. 

दरअसल, 13 जुलाई 2018 में एक करार हुआ था. करारनामा दिल्ली में रजिस्टर हुआ. इस करारनामे के दो पक्षों में एक थी गुप्ता परिवार की कंपनी एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स और दूसरी थी जालान परिवार की बंगाल ओरियन फाइनेंस हब लिमिटेड. इस करारनामे के मुताबिक गुप्ता परिवार की कंपनी एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स ने अपनी सहयोगी कंपनी हेरिटेज एविएशन में 68.50% हिस्सेदारी जालान परिवार की कंपनी बंगाल ओरियन फाइनेंशियल हब को 6 करोड़ 85 लाख रुपये में बेचने का करार किया. 

करारनामे पर जालान परिवार की ओर से अंकित जालान ने दस्तखत किए. अंकित जालान मुरारी लाल जालान के भतीजे हैं. जबकि गुप्ता परिवार की कंपनी एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स की ओर से शांतनु अवस्थी के दस्तखत थे. शांतनु अवस्थी कंपनी के डायरेक्टर हैं. 

एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स गुप्ता परिवार की कंपनी है. मुख्य तौर पर इस कंपनी के जरिए दूसरी कंपनियों में लेनदेन किया जाता है. इस कंपनी की शेयरहोल्डिंग यानी इस कंपनी के मालिक कौन-कौन हैं? तो आपको बता दें कि 65% हिस्सेदारी अंगूरी गुप्ता की है, जो गुप्ता ब्रदर्स की मां हैं. जबकि 15% हिस्सेदारी गुप्ता ब्रदर्स के करीबी रिश्तेदार अनिल गुप्ता की है. बाकी 15% हिस्सा सूर्यकांत सिंघल के नाम पर है. 

 

सूर्यकांत सिंघल तीनों भाइयों में से एक अजय गुप्ता का बेटा है. कारोबारी साल 2017-18 तक सूर्यकांत सिंघल का नाम एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स के डायरेक्टर्स में था. बाद में ये नाम डायरेक्टर्स की लिस्ट से हट गया, लेकिन शेयरहोल्डर्स में अब भी कायम है. 

एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स दरअसल 24 अक्टूबर 1989 को दिल्ली में रजिस्टर्ड हुई थी. इसका पता है G2 स्वास्तिक भवन, रंजीत नगर कमर्शियल कॉम्पलेक्स, नई दिल्ली.

दूसरी कंपनी बंगाल ओरियन फाइनेंशियल हब जालान परिवार की कंपनी है. दस्तावेजों के मुताबिक 5 मार्च 2018 को मुरारी लाल जालान ने इस कंपनी से इस्तीफा दे दिया था.

लेकिन 26 नवंबर 2018 को कंपनी मामलों के मंत्रालय में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक कंपनी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी करीब 78% मुरारी लाल जालान की ही दिखाई गई. दूसरी बड़ी शेयरहोल्डिंग ओरियन आईटी पार्क्स लिमिटेड की थी और तीसरी बड़ी होल्डिंग अंकित जालान की थी. बाकी एक-एक शेयर अन्य लोगों के पास हैं. 

लेकिन ताजा शेयरहोल्डिंग में मुरारी लाल जालान का नाम हट चुका है. अब सबसे बड़ी शेयरहोल्डिंग उनके भाई विशाल जालान की है. जबकि दूसरे बड़े हिस्सेदार अंकित जालान हैं. तीसरी बड़ी हिस्सेदारी ओरियन आईटी पार्क्स के पास है. ये जालान परिवार की कंपनी है. बंगाल ओरियन फाइनेंशियल हब 12 जनवरी 2011 को कोलकाता में रजिस्टर हुई थी. इसका पता है- 41A JC बोस रोड सुइट, 505, कोलकाता.

तीसरी कंपनी हेरिटेज एविएशन का मालिकाना हक गुप्ता परिवार ने जालान परिवार को ट्रांसफर किया है. ये ट्रांसफर गुप्ता परिवार की कंपनी एलसीआर इनवेस्टमेंट के जरिए जालान परिवार की कंपनी बंगाल ओरियन फाइनेंशियल हब को किया गया. 2 दिसंबर 2020 को कंपनी मामलों के मंत्रालय को दाखिल हेरिटेज एविएशन के दस्तावेज से सारी बातें साफ हो जाती हैं. 

कुल एक करोड़ शेयरों में से 68 लाख 50 हजार शेयर 1 दिसंबर 2019 को बंगाल ओरियन फाइनेंशियल हब को एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स की ओर से ट्रांसफर किए गए. मतलब अब हेरिटेज एविएशन की सबसे बड़ी मालिक कंपनी बंगाल ओरियन फाइनेंशियल हब है. बाकी का हिस्सेदार माथुर परिवार है. कुल मिलाकर गुप्ता परिवार के कंट्रोल वाली हेरिटेज एविएशन अब जालान परिवार की कंपनी बन चुकी है. तो भला अब इससे साफ क्या कनेक्शन होगा दोनों परिवारों के बीच.

दस्तावेज बताते हैं कि हेरिटेज एविएशन को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत देहरादून-पिथौरागढ़-हिंडन के लिए सेलेक्टेड एयरलाइन ऑपरेटर का लेटर ऑफ अवॉर्ड मिला था. जिसमें हिंडन-पिथौरागढ़-देहरादून, गौचर-सहस्रधारा-चिनियालिसौर, पिथौरागढ़-पंतनगर, धारचूला-हल्द्वानी-हरिद्वार, हरिद्वार- हल्द्वानी जैसे रूट शामिल थे. हेरिटेज एविएशन नाम की ही कंपनी उत्तराखंड में चारोधाम की हवाई सैर की स्कीम को प्रमोट करती है. कंपनी का दावा है कि उसके पास 5 एयरक्राफ्ट हैं.

ये तो बात हुई गुप्ता और जालान परिवार के कनेक्शन की. लेकिन सवाल ये भी है कि क्या गुप्ता ब्रदर्स की कंपनी एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स ने ये सारे ट्रांसफर अपने गुप्ता भाइयों पर बढ़ती पाबंदी की वजह से किया या फिर सच में दोनों परिवारों के बीच एक आम बिजनेस डील थी. दोनों कंपनियों के बीच इस सौदे पर हमने बंगाल ओरियन फाइनेंशियल, एलसीआर इन्वेस्टमेंट्स और मुरारी लाल जालान को ई-मेल भेजकर उनका जवाब मांगा था. लेकिन अब तक हमें जवाब नहीं मिला है. हालांकि गुप्ता ब्रदर्स से कनेक्शन को लेकर भेजे गए एक पुराने जवाब में मुरारी लाल जालान ने कारोबारी संबंधों से इनकार किया है. लेकिन दोनों परिवारों के बीच कंपनियों में हिस्सों के खरीद फरोख्त के दस्तावेज खुद ही बता रहे हैं कि असल में मामला क्या है.



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