Jaipur News: Rajasthan पुलिसकर्मियों की समस्याएं हजार, मुखिया दूर करने में लाचार


Jaipur: पुलिसकर्मियों की समस्याएं हजार, मुखिया इन्हें दूर करने में लाचार, कारण गांठ में धनराशि नहीं होना. कुछ इसी प्रकार के हालात हैं राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) बेड़े के मुखिया डीजीपी के. 

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पुलिस मुख्यालय ने सरकार से डीजीपी के लि अनटाइड (निर्बंध) फंड की मांग की है ताकि पुलिसकर्मियों की छोटी-मोटी, लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं को तत्काल दूर किया जा सके. फिलहाल पुलिस मुख्यालय का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास विचारधीन है. 

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राजस्थान (Rajasthan) में पुलिस (Police) के एक लाख दस हजार से ज्यादा संख्या वाले बेड़े को मजबूत तथा अनुशासित बनाए रखने के लिए लगातार कोशिशें  जारी है. बेड़े के मुखिया डीजीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिला-यूनिटों के दौरे कर कामकाज की समीक्षा करते हैं. इस दौरान जिला-यूनिटों के अधिकारियों-कर्मचारियों से संवाद- सम्पर्क किया जा रहा है. आला अधिकारी फोर्स को राज्य सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं से अवगत कराते हुए बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हैं. 

मुख्य बिंदु
– डीजीपी या आला अफसरों के संवाद-सम्पर्क के दौरान अधिकारी-कर्मचारी कई बार छोटी-मोटी समस्याएं उठा देते हैं.
– इसके अलावा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी आला अफसरों से व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान भी समस्याएं बताते हैं.
– जिलों या यूनिट से भी पत्राचार के जरिए अपनी समस्याएं भेजते रहे हैं.
– इनमें कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं, जिन्हें तत्काल दूर किया जाना जरूरी होता है.
– इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए धनराशि की जरूरत होती है.
– इधर मुखिया होने के नाते डीजीपी से कर्मचारियों की अपेक्षा भी रहती है कि समस्याओं का तत्काल समाधान हो.
–  पर हालात यह हैं कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए डीजीपी या अन्य अधिकारी खुद को लाचार महसूस करते हैं.
–  इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाने या बीएफसी में रखे जाने में समय लगता है.
– ऐसे में पुलिस मुख्यालय डीजीपी स्तर पर निर्बंध फंड (अनटाइड फंड) के गठन की जरूरत बता रहा है.

पुलिस मुख्यालय की ओर से राज्य सरकार को निर्बंध फंड के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है. फंड के लिए बाकायदा नियम बनाने के लिए कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर इसका दुरूपयोग नहीं किया जा सके. 

–  अनटाइड फंड में पुलिस विकाष कोष (Police development fund) की तर्ज पर प्रावधान किया जाएगा यानि हर साल प्रावधित की गई राशि से 25 प्रतिशत अनटाइड फंड में दिया जाएगा.
– ये नियम राजस्थान पुलिस निर्बंध निधि नियम 2021 कहलाएंगे और जारी होने की तारीख से ये नियम प्रभावशील होंगे.
– ये नियम पुलिस की सभी इकाइयों जिला आम्ड बटालियन ट्रेनिंग संस्थान अनय भी यूनिट पर प्रभावशील होंगे.
– पुलिस के सभी अधिकारियों कार्मिकों प्रतनियुकति पर कार्यकरत कर्मचारी मंत्रालियक, नियमित, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर लागू होंगे.
– इस फंड से सदस्यों की किसी गंभीर बीमारी में इलाज के लिए तात्कालिक सहायता.
– सदस्यों के ड्यूटी के दौरान गंभीर शारीरिक क्षति होने पर तात्कालिक सहायता. 
– प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, भूकम्प, आग, संक्रामक रोग आदि से हुई क्षति की पूर्ति के लिए.
– इकाइयों को उनके आवासीय प्रशासनिक परिसरों भवनों की मरम्मत साफ सफाई साज सज्जा जैसे कायों के लिए.
– इकाइयों के सदस्यों के कल्याण के लिए, अति आवश्यक सुुख सुविधाओं प्रदान करने के लिए.
– सदस्यों की आकस्मिक मौत होने पर उसके परिवार को तात्कालिक आर्थिक सहायता देने के लिए खर्च की जाएगी.
– इसी तरह इन कार्यों में खर्च पर रहेगी पाबंद.
– यात्रा खर्च के भुगतान.
– वाहनों के खरीद मरम्मत पीओएल के भुगतान.
– वेतन मानदेय भुगतान.
– अन्य किसी भी प्रकार के आवर्तक खर्च.
– डीजीपी को वित्तीय निधि खर्च की पूर्ण शक्तियां होगी, लेकिन प्रत्येक मामले मं 50 लाख से अधिक नहीं हो सकेगी. 

 



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