मन की बात: UP के संतोष और उत्तराखंड के जगदीश का PM मोदी ने किया जिक्र, जानें इन्होंने ऐसा क्या किया


लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार यानी आज साल की दूसरी ‘मन की बात’ कर जनता को संबोधित किया. इस रेडियो कार्यक्रम में पीएम मोदी ने देश से संबंधित की जरूरी मुद्दों पर बात की. साथ ही, उन्होंने पानी के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि माघ पूर्णिमा नदी, सरोवरों और जल के कई अन्य स्त्रोतों को पूजने का दिन है.  पीएम ने कहा कि जल हमारे लिए जीवन भी है, आस्था भी है और विकास की धारा भी है. इसलिए इसका सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि इसी से हमारी जिंदगी जुड़ी है. इसके साथ ही, पीएम ने देश के विकास में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की भागीदारी का भी उल्लेख किया. उन्होंने वाराणसी में आयोजित किए गए संस्कृत क्रिकेट से लेकर गढ़ मुक्तेश्वर के संतोष और उत्तराखंड के बागेश्वर में रहने वाले जगदीश कुनियाल की सराहना की. जानें इन्होंने ऐसा क्या किया…

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जगदीश कुनियाल के पौधारोपड़ की सराहना
पीएम मोदी ने उत्तराखंड के बागेश्वर में रहने वाले जगदीश कुनियाल जी के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उनका काम हमें बहुत कुछ सिखाता है. जगदीश जी का गांव और आस-पास का क्षेत्र पानी की जरूरतों के लिये के एक प्राकृतिक स्रोत्र पर निर्भर था. लेकिन कई साल पहले ये स्त्रोत सूख गया. इससे पूरे इलाके में पानी का संकट गहराता चला गया. जगदीश जी ने इस संकट का हल पौधारोपण से करने की ठानी. उन्होंने पूरे इलाके में गांव के लोगों के साथ मिलकर हजारों पेड़ लगाए और आज उनके इलाके का सूख चुका वो जलस्त्रोत फिर से भर गया है.

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चटाई बनाने वाले संतोष की भी पीएम ने की तारीफ
यूपी के गढ़मुक्तेश्वर का उदाहरण देते हुए पीएम ने जनता को प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि “गढ़मुक्तेश्वर से संतोष जी ने लिखा है कि कैसे कोरोना काल में उन्होंने आपदा को अवसर में बदला. संतोष जी के पुरखे शानदार कारीगर थे, चटाई बनाने का काम करते थे. कोरोना के समय जब बाकी काम रुके तो इन लोगों ने बड़ी ऊर्जा और उत्साह के साथ चटाई बनाना शुरू किया. जल्द ही, उन्हें न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि दूसरे राज्यों से भी चटाई के ऑर्डर मिलने शुरू हो गए. संतोष जी ने यह भी बताया है इससे इस क्षेत्र की सैकड़ों साल पुरानी खूबसूरत कला को भी एक नई ताकत मिली है.

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वाराणसी के संस्कृत क्रिकेट का भी किया उल्लेख
पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में एक क्रिकेट कंमेंट्री, जो साधारण से काफी अलग थी. दरअसल, यह कमेंट्री संस्कृत में थी. थोड़ी देर की क्लिप सुनाने के बाद पीएम ने कहा,  “आप भी इसे सुनकर हैरान हो गए होंगे. दरअसल, यह संस्कृत में की जा रही क्रिकेट कंमेंट्री है. वाराणसी में, संस्कृत महाविद्यालयों के बीच एक cricket tournament होता है. ये शास्त्रार्थ महाविद्यालय, स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ, श्री ब्रह्म वेद विद्यालय और इंटरनेशनल चंद्रमौली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया जाता है.  इस टूर्नामेंट के मैचों के दौरान कमेंट्री तो संस्कृत में होती ही है, साथ ही खिलाड़ी और कमेंटेटर पारंपरिक परिधान में नजर आते हैं.

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आपको बता दें, संस्त को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी में खेले जाने वाले क्रिकेट मैच में बटुक धोती-कुर्ता के साथ ही त्रिपुंड लगाकर खेलते हैं और खिलाड़ियों के साथ कमेंटेटर और अंपायर भी पारंपरिक वस्त्र पहन कर संस्कृत में ही कमेंट्री करते हैं. 

इस लिंक के माध्य से आप भी देखें संस्कृत क्रिकेट की एक झलक…
ऐसा अनोखा Cricket Match, जिसमें कमेंट्री संस्कृत में होती है और खिलाड़ी धोती-कुर्ते में

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