Kushinagar से भी कर सकेंगे हवाई सफर की शुरुआत, DGCA ने दे दी हरी झंडी


लखनऊ: कुशीनगर हवाई अड्डे (International Airport) को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने Passenger Flight के लिए हरी झंडी दे दी है. इसका मतलब ये होगा कि अगर आप वाराणसी और लखनऊ के बीच में कहीं रहते हैं तो आपके नजदीकी एयरपोर्ट की दूरी काफी कम हो गई है. कुशीनगर को हाल ही में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिया गया था जिसके बाद अब फ्लाइट सर्विस को भी मंजूरी मिल गई है. 

DGCA ने दी बड़ी सौगात

Directorate General of Civil Aviation ने कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमान सेवाओं के संचालन के लिये एयरोड्रोम लाइसेंस (Aerodrome License) दे दिया है. इसका असर ये होगा कि जल्द ही देश-विदेश के लिए फ्लाइट कुशीनगर एयरपोर्ट से शुरू हो जाएंगी. लखनऊ और वाराणसी के बाद कुशीनगर उत्तर प्रदेश का तीसरा लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डा बन गया है. 

इन इलाकों को होगा फायदा

कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने से आस-पास के इलाकों में खुशी की लहर है. कुशीनगर के बाद इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा गोरखपुर के लोगों को होगा क्योंकि कुशीनगर से गोरखपुर की दूरी महज 53 किलोमीटर है. गोरखपुर के अलावा देवरिया, महराजगंज, बस्ती और बलिया के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा. कुशीनगर में जिस जगह एयरपोर्ट बनाया गया है वो कसिया (Kasia) इलाका है. वैसे पडरौना कुशीनगर का जिला मुख्यालय है.

कुशीनगर का ऐतिहासिक महत्व

कुशीनगर का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है. कहा जाता है कि कुशीनगर को भगवान राम के पुत्र राजा कुश ने बसाया था और इसी वजह से इसका नाम कुशीनगर रखा गया था. ये भी कहा जाता है कि वनवास के दौरान भगवान राम (Lord Ram) ने इसी जिले के रामकोला (Ramkola) में कुटिया बनाई थी और माता सीता और लक्ष्मण के साथ कुछ दिन गुजारे भी थे. वैसे मौजूदा वक्त में कुशीनगर भगवान बुद्ध (Lord Buddha) के अनुयायियों के सबसे बड़े केंद्रों में से एक परिनिर्वाण स्तूप (Parinirvana Stupa) इसी जिले में है जहां हर साल लाखों अनुयायी आते-जाते रहते हैं.



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